संगठन

श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना

संगठन का गठन 23 सितंबर 2006 को जयपुर के झोटवाड़ा इलाके में किया गया था। नवगठित संगठन का केंद्रीय उद्देश्य सरकारी नौकरियों और शिक्षा में राजपूतों के लिए जाति-आधारित आरक्षण की मांग करना था। इसके अन्य उद्देश्यों में कथित “पाठ्यपुस्तकों में राजपूत आंकड़ों को दरकिनार करना” समाप्त करना और सरकार में राजपूत विधायकों का चुनाव करने में मदद करना शामिल है।

हमारे कार्य, हमारी उपस्थिति ही, हमारी पहचान है

1. किसी भी राजपूत , चाहे आम हो या खास के साथ राजनेतिक व् सामाजिक द्वेष के चलते किसी भी तरह के दुर्व्यवहार के होने पर पुरजोर विरोध ।

2. इतिहास के साथ छेड़छाड़ और सिनेमा के माध्यम से हो रही समाज की ख़राब होती छवि का विरोध ।

3. ऐतिहासक पुरुषो के नाम के साथ जुड़े किसी भी विवाद के विरुद्ध आवाज बुलंद करना ।

4. सामाजिक मुद्दे पर समाज में एकजुटता स्थापित करने का प्रयास

5. सामजिक समरसता बनाये रखने और क्षत्रित्व को कायम रखने हेतु 35 कौम को साथ लेकर चलना।

6. राजनेतिक रूप से काम कर रहे राजपूत नेताओ का साथ देना , चाहे वे किसी भी पार्टी के हो तथा उन नेताओ को समाज के प्रति उनकी जिमेदारी याद दिलवाना।

7. समाज की बालिकाओ में शिक्षा के लिए जागरूकता पैदा करना ।

8. मातृशक्ति को हर जगह अग्रिम स्थान उपलब्ध करवाते हुए उन्हें बराबरी का दर्जा देना।

9. युवा वर्ग को मंच देना तथा समाज के प्रति उनकी सोच को सामने लाने ला प्रयास करना।

10. समय समय पर महापुरुषो की जयंती मनाना , युवाओ को उनके शौर्य से रूबरू करवाना और उनके नाम से रक्तदान शिविर आयोजित करना ।

11. समाज की प्रतिभाओ को सम्मानित करना तथा उन्हें शिक्षा व् रोजगार के क्षेत्र में मार्गदर्शन की व्यवस्था करवाना।

12.सबसे मुख्य , समाज के बच्चों के भविष्य से जुड़े आरक्षण मसले पर फैसले तक की लड़ाई लड़ना ।

सभी राष्टीय करणी सैनिक इन उद्देश्यो को जीवन की प्रेरणा मानते हुवे कार्य करे , और समाज में संघठन की उपस्थिति को सार्थक बनाने में अपना योगदान प्रदान करे। जय माँ करणी